कमजोर विद्यार्थियों के लिए चलेगी विशेष क्लास, डी ग्रेड के छात्रों पर रहेगा फोकस; जेईई-नीट और नवोदय प्रवेश परीक्षा की तैयारी पर भी जोर
गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क छत्तीसगढ़
गरियाबंद_ जिले में बोर्ड परीक्षा के परिणामों को बेहतर बनाने और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। आगामी बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर रणबीर शर्मा ने जिले के सभी हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों की महत्वपूर्ण बैठक लेकर स्पष्ट कार्ययोजना के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले के टॉप-30 विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में टॉप-10 तक पहुंचाया जाए।
त्रैमासिक परीक्षा परिणामों की हुई समीक्षा_
29 अक्टूबर 2026 को जिला पंचायत सभाकक्ष गरियाबंद में आयोजित बैठक में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के त्रैमासिक परीक्षा परिणामों का विश्लेषण किया गया। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर रणबीर शर्मा ने की। इस दौरान विषयवार एवं विकासखंडवार परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों की कमजोरियों को चिन्हांकित कर सुधारात्मक कदम उठाने पर जोर दिया गया।
कलेक्टर ने कहा कि केवल परीक्षा परिणाम बेहतर करना ही उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी की वास्तविक सीखने की क्षमता में सुधार दिखाई देना चाहिए। प्रत्येक कक्षा में पढ़ाई का स्पष्ट लर्निंग आउटकम नजर आना चाहिए और बच्चों ने जो सीखा है, उसका प्रभाव उनके ज्ञान एवं समझ में दिखाई देना चाहिए।
कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष शिक्षण व्यवस्था_
बैठक में डी ग्रेड प्राप्त विद्यार्थियों की विशेष पहचान कर उनके लिए उपचारात्मक एवं रेमेडियल शिक्षण संचालित करने के निर्देश दिए गए। विद्यार्थियों की नियमित टेस्ट के माध्यम से प्रगति का आकलन करने, पाठ्यक्रम निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने तथा प्रोजेक्ट और प्रायोगिक कार्य समय पर संपन्न कराने पर विशेष जोर दिया गया।
इसके साथ ही विद्यार्थियों में नियमित अध्ययन, उत्तर लिखने का अभ्यास और स्पष्ट लेखन की आदत विकसित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थी बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
जेईई-नीट से लेकर नवोदय प्रवेश परीक्षा तक तैयारी_
कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विज्ञान और गणित संकाय के विद्यार्थियों को जेईई एवं नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। मेधावी विद्यार्थियों के लिए अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) आयोजित कर उनकी तैयारी और प्रगति पर चर्चा की जाएगी।
वहीं कक्षा 5वीं के विद्यार्थियों को जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा तथा कक्षा 8वीं के विद्यार्थियों को एनएमएमएस परीक्षा की तैयारी कराने पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
स्कूलों का निरीक्षण कर कलेक्टर ने परखी शिक्षण व्यवस्था_
शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार की दिशा में कलेक्टर रणबीर शर्मा ने गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल गरियाबंद एवं स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था, शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यार्थियों के अध्ययन स्तर का जायजा लिया। उन्होंने बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने तथा विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में निरंतर सुधार लाने पर जोर दिया।
संकुल और विकासखंड स्तर पर होगी मॉनिटरिंग_
कलेक्टर ने संकुल एवं विकासखंड स्तर पर विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा प्राचार्यों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आगामी मासिक, अर्धवार्षिक और प्री-बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर उसका समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर ने सभी प्राचार्यों को निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान एसडीएम हितेश्वरी बाघे, जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर, डीएमसी शिवेश शुक्ला, श्याम चंद्राकर सहित जिले के संबंधित अधिकारी एवं विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित थे।


