धान खरीदी से पहले अवैध परिवहन करने वालों पर गरियाबंद पुलिस का शिकंजा, एसपी वेदव्रत सिरमौर के निर्देश पर सुबह 8:30 बजे देवभोग पुलिस की कार्रवाई
गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क, गरियाबंद
देवभोग_ छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले ही ओडिशा से धान लाकर खपाने की कोशिशें लगातार सामने आ रही हैं। सीमावर्ती देवभोग क्षेत्र में अवैध धान परिवहन के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के सख्त निर्देश पर देवभोग पुलिस ने भरवामुड़ा नाके पर कार्रवाई करते हुए ओडिशा से छत्तीसगढ़ की ओर लाया जा रहा लगभग 60 कट्टा धान पकड़ा है। धान परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे पिकअप वाहन को भी जब्त कर थाना देवभोग में सुरक्षार्थ रखा गया है।
सुबह 8:30 बजे भरवामुड़ा नाके पर पकड़ी गई धान की खेप_
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 8:30 बजे ओडिशा राज्य से अवैध धान परिवहन की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर स्थित ग्राम भरवामुड़ा नाका, देवभोग में पुलिस ने जांच शुरू की। इसी दौरान सफेद रंग की पिकअप वाहन क्रमांक CG07 AZ 9025 को रोककर तलाशी ली गई। जांच के दौरान वाहन में लगभग 60 कट्टा धान लोड मिला।
दस्तावेज मांगे तो चालक नहीं दिखा सका वैध कागजात_
पुलिस ने वाहन चालक से धान के परिवहन के संबंध में पूछताछ की, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद पुलिस ने लगभग 60 कट्टा धान सहित पिकअप वाहन को थाना देवभोग लाकर सुरक्षार्थ रखा है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
लगातार सामने आ रहे अवैध धान परिवहन के मामले_
धान खरीदी का सीजन नजदीक आते ही देवभोग के सीमावर्ती इलाकों में ओडिशा से धान परिवहन के मामले सामने आ रहे हैं। इससे पहले तेतलखूंटी नाके पर पुलिस ने ओडिशा से लाए जा रहे 85 कट्टा धान के साथ टाटा 407 मेटाडोर वाहन जब्त किया था। वहीं पीटापारा में राजस्व विभाग ने 40 बोरी धान के साथ पिकअप वाहन जब्त किया था। लगातार सामने आ रही इन कार्रवाइयों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध धान परिवहन की समस्या को फिर चर्चा में ला दिया है।
अब सीमा पर पुलिस की निगरानी से बचना आसान नहीं_
देवभोग विकासखंड ओडिशा की सीमा से लगा हुआ है। धान खरीदी के दौरान दूसरे राज्य से धान लाकर छत्तीसगढ़ में खपाने की आशंका को देखते हुए सीमावर्ती रास्तों और नाकों पर निगरानी बेहद महत्वपूर्ण है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जारी कार्रवाई के बीच अब यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में अवैध धान परिवहन की कोशिशों पर पुलिस किस तरह शिकंजा कसती है।



