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गरियाबंद में पहली बार 102 से ज्यादा लोगों का बड़ा रेस्क्यू! अलग-अलग जगहों पर फंसे लोगों को बचाया, 4 किमी अंदर तक पहुंची टीम

खेत-खलिहान से लेकर नदी-नालों तक चला बचाव अभियान, अमलीपदर में सूखा नदी का पानी पूरी बस्ती में फैला; राजिम, छुरा, मैनपुर, देवभोग और अमलीपदर में बारिश-बाढ़ का तांडव


गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क छत्तीसगढ़

गरियाबंद_ जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच राजिम, छुरा, मैनपुर, अमलीपदर और देवभोग क्षेत्र में पानी का तांडव मचा हुआ है। कई इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं और खेत-खलिहान से लेकर बस्तियों तक जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे हालात में अलग-अलग स्थानों पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव दल लगातार मोर्चे पर डटा हुआ है।

102 से ज्यादा लोगों का अलग-अलग जगहों से रेस्क्यू

बाढ़ की स्थिति के बीच अलग-अलग स्थानों पर फंसे 102 से ज्यादा लोगों को बचाव दल ने सुरक्षित बाहर निकाला है। यह अभियान केवल एक स्थान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि खेत-खलिहान से लेकर नदी-नालों और अंदरूनी इलाकों तक रेस्क्यू किया गया।

गरियाबंद नगर सेना की रेस्क्यू टीम कई प्रभावित स्थानों पर पहुंची और लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान चलाया। कई जगहों पर टीम को करीब 4 किलोमीटर अंदर तक जाकर लोगों तक पहुंचना पड़ा।

अमलीपदर के बाहरापारा में 16 लोग फंसे

अमलीपदर के बाहरापारा में सूखा नदी का पानी पूरी बस्ती में फैल गया। यहां छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों समेत 16 लोग बाढ़ में फंस गए थे। सूचना मिलने के बाद पहुंची रेस्क्यू टीम ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाला और स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्र में शिफ्ट किया।

वहीं नदीपारा में बाढ़ में फंसे चार परिवारों के 12 लोगों को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

गरियाबंद नगर सेना की टीम ने संभाला मोर्चा

इस बड़े रेस्क्यू अभियान में गरियाबंद नगर सेना की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में यशवंत साहू, उमेंद्र सिंह, कुलेश्वर साहू, वासुदेव निषाद, ललित कंवर, पन्ना पटेल, राजेश भारद्वाज, नारायण ध्रुव, दर्शन ठाकुर, सोहन कंवर और दिलीप ध्रुव शामिल रहे।

मूसलाधार बारिश और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच टीम अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी रही। कई जगहों पर रास्ते पानी में डूबे होने के बावजूद टीम ने अंदरूनी इलाकों तक पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया।

“जहां सूचना मिली, वहां पहुंचने की कोशिश की” - यशवंत साहू

रेस्क्यू टीम के सदस्य यशवंत साहू ने बताया कि अलग-अलग स्थानों से लोगों के फंसे होने की सूचना मिलने के बाद टीमों को रवाना किया गया। कई जगहों पर पानी और खराब रास्तों के कारण मुश्किलें थीं, लेकिन टीम ने प्रभावित लोगों तक पहुंचने का प्रयास जारी रखा।

उन्होंने बताया कि रेस्क्यू के दौरान पहले यह देखा गया कि लोग किस स्थान पर फंसे हैं और वहां तक सुरक्षित तरीके से कैसे पहुंचा जा सकता है। इसके बाद टीम ने लोगों को सुरक्षित निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। कई जगहों पर करीब 4 किलोमीटर अंदर तक जाकर रेस्क्यू करना पड़ा।

कुछ और घंटे तेज बारिश हुई तो बढ़ सकती है परेशानी

पूरे गरियाबंद जिले में राजिम, छुरा, मैनपुर, अमलीपदर और देवभोग सहित कई क्षेत्रों में बारिश और बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। लगातार बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

मौजूदा हालात को देखते हुए अगर कुछ और घंटे इसी तरह तेज बारिश जारी रही तो स्थिति और गंभीर होने तथा नई घटनाएं सामने आने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन और बचाव दल प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत के अनुसार रेस्क्यू एवं राहत कार्य जारी है।

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