गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क छत्तीसगढ़ 
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गरियाबंद_फास्ट्रैक ट्रैक विशेष न्यायालय (पॉक्सो एवं बलात्कार प्रकरण) गरियाबंद की पीठासीन न्यायाधीश श्रीमती गंगा पटेल ने अबोध बालिका से दुष्कर्म के मामले में आरोपी वेदप्रकाश ध्रुव उर्फ पप्पू (25 वर्ष), निवासी मस्जिद पारा, वार्ड क्रमांक 14, छुरा को दोषी ठहराते हुए उसके शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर कुल 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
खेल रही बच्ची को बहला-फुसलाकर घर ले गया था आरोपी
विशेष लोक अभियोजक हरि नारायण त्रिवेदी के अनुसार, 25 जून 2025 को करीब 3 वर्ष 4 माह की बालिका अपने घर के सामने अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान आरोपी उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया और कमरे में बंद कर उसके साथ दुष्कर्म किया।घटना सामने आने के बाद पीड़िता की बुआ ने थाना छुरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
11 गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट भी बनी अहम कड़ी
मामले में पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में कुल 11 साक्षियों के बयान कराए गए।
न्यायालय ने पीड़िता एवं साक्षियों के कथनों, घटनास्थल से जब्त वस्तुओं तथा चिकित्सकीय रिपोर्ट सहित उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया। इन साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी के खिलाफ अपराध प्रमाणित पाया।
शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक जेल
मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने आरोपी को शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही कुल 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया।
आरोपी को अन्य संबंधित अपराधों में भी विभिन्न अवधियों के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया गया है।
पॉक्सो कोर्ट के फैसले से मामले में आया निर्णायक मोड़
अबोध बालिका से जुड़े इस गंभीर प्रकरण में फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय के फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोपी का अपराध सिद्ध किया, जिसके बाद अदालत ने कड़ी सजा सुनाई।
