गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क छत्तीसगढ़
गरियाबंद_वन्यजीव सप्ताह 2026 के तहत उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) में हॉर्नबिल संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को 10 किलोमीटर ‘रन फॉर हॉर्नबिल’ का आयोजन किया गया। बनियाधास जलप्रपात से शुरू हुई दौड़ करीपगार जलप्रपात तक पहुंचकर संपन्न हुई। लगभग 250 प्रतिभागियों ने इस दौड़ में हिस्सा लिया। इनमें USTR की सभी 8 रेंजों के वन अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय ग्रामीण और अन्य प्रतिभागी शामिल रहे। कार्यक्रम में गरियाबंद कलेक्टर रणबीर शर्मा, USTR के क्षेत्र संचालक गुरुनाथन एन. और वन विभाग के विशेष सचिव धम्मशील गणवीर भी मौजूद रहे।
हॉर्नबिल संरक्षण के साथ जनभागीदारी का संदेश
आयोजन का उद्देश्य स्थानीय ग्रामीणों को मालाबार पाइड हॉर्नबिल के संरक्षण और उसके पारिस्थितिक महत्व से जोड़ना रहा। अधिकारियों ने बताया कि हॉर्नबिल वन पारिस्थितिकी तंत्र में बीजों के प्रसार के जरिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।ओंध और अमलोर गांवों के आसपास का क्षेत्र मालाबार पाइड हॉर्नबिल के महत्वपूर्ण आवास क्षेत्रों में शामिल है। करीब 2,500 फीट की ऊंचाई वाले इस क्षेत्र को संरक्षण और प्रकृति पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हॉर्नबिल रेस्टोरें से लेकर हॉर्नबिल सफारी तक पहल
USTR में हॉर्नबिल संरक्षण के लिए ‘Hornbill Restaurants’ की पहल भी की गई है। इसके तहत हॉर्नबिल के लिए प्राकृतिक भोजन उपलब्ध कराने वाले फलदार वृक्षों के समूह विकसित किए जा रहे हैं।इसके अलावा ‘Hornbill Safari’ की पहल के जरिए संरक्षण के साथ स्थानीय युवाओं और समुदायों को आजीविका से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
महिला और वेटरन वर्ग में शानदार प्रदर्शन
रन फॉर हॉर्नबिल में विभिन्न वर्गों में प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। महिला वर्ग में वनरक्षक परमेश्वरी, ललिता, रिंकी जोशी और ओंध गांव की टीकेश्वरी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।वेटरन कैटेगरी में कलेक्टर रणबीर शर्मा ने पहला, USTR क्षेत्र संचालक गुरुनाथन एन. ने दूसरा और तौरेंगा रेंज के रेंजर केजूराम कोरचे ने तीसरा स्थान हासिल किया।
10 किलोमीटर की दौड़ बनी संरक्षण का संदेश
USTR अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण को स्थायी बनाने के लिए स्थानीय समुदाय की भागीदारी बेहद जरूरी है। ‘रन फॉर हॉर्नबिल’ के जरिए लोगों को हॉर्नबिल और उसके प्राकृतिक आवास के संरक्षण का संदेश दिया गया।बनियाधास से करीपगार तक 10 किलोमीटर की यह दौड़ केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि हॉर्नबिल संरक्षण और प्रकृति के प्रति जागरूकता का संदेश देने वाली पहल रही।



