देवभोग बाजार के पास मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब सड़क किनारे चर रही एक गाय बिजली के खंभे की चपेट में आ गई। खंभे में अचानक करंट दौड़ने से गाय की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि खंभे में करंट पहले से ही फैल रहा था, लेकिन किसी ने इसकी सूचना बिजली विभाग को नहीं दी, और विभाग की तरफ से भी कोई नियमित जांच नहीं की गई।
स्थानीय निवासीयों ने कहा_
“अगर वहां कोई बच्चा या बुजुर्ग खंभे के पास होता तो उसकी भी मौत हो सकती थी। ये हादसा बिजली विभाग की खुली लापरवाही और कर्मचारियों की उदासीनता का नतीजा है।”
हादसे के बाद बाजार में हड़कंप मच गया। आसपास के दुकानदारों और राहगीरों में भय का माहौल है। लोग कह रहे हैं कि बिजली विभाग सिर्फ बिल वसूली में सक्रिय दिखता है, लेकिन खंभों, तारों और ट्रांसफॉर्मर की सुरक्षा जांच को नजरअंदाज कर देता है।
किसी बड़े हादसे का इंतजार?
लोगों का आरोप है कि बारिश के दिनों में खंभों और ट्रांसफॉर्मर में करंट फैलने की घटनाएं आम हो चुकी हैं, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस इंतजाम नहीं किया जाता। गाय की मौत के बाद भी विभागीय अधिकारियों का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे जनता में आक्रोश और बढ़ गया है।
बाजार के दुकानदारों की मांग –
1. सभी खंभों की तुरंत जांच हो।
2. जहां भी लीकेज या शॉर्टिंग की संभावना है, वहां सुधार कार्य कराया जाए।
अगर समय रहते बिजली विभाग ने सुधार कार्य नहीं किया, तो देवभोग में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। इस मामले में प्रशासन को भी तत्काल हस्तक्षेप कर जवाबदेही तय करनी चाहिए।
विश्व हिंदू परिषद प्रखंड देवभोग अध्यक्ष विकास उपाध्याय ने सीधे तौर पे बताया कि ये बिजली विभाग की लापरवाही है अगर चिड़िया घोंसला बनाई थी तो बिजली विभाग को इसे हटाना था नहीं हटाना के नाम से ये बड़ी दुर्घटना गौ माता से घटी है ये किसी ओर व्यक्ति से भी घट सकती थी ये सरासर बिजली विभाग की ही गलती मानूंगा।
इस मामले को लेकर जब जे ई संजय कुमार दीवान से बात हुई तो उन्होंने कहा कि खंभे में करेंट आ रहा था खंभे के ऊपर तार में चिड़ियां के द्वारा घोंसला बनाया गया था, घोसले में चिड़ियां के द्वारा सेन्ट्रिंग तार को चिड़िया अपने घोंसले में ले के आ गया होगा जिसे खंभे के तार के साथ टच हो जाने के नाम से करेंट सप्लाई होने का संभावना बताई। इसे देख अभी इसकी सुधार कर दी जा रही है।










